(Sangya) संज्ञा के भेद, परिभाषा- Noun In Hindi

Noun In Hindi : हेलो मेरे प्यारे साथियों आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे Noun In Hindi के बारे में संज्ञा क्या होता है संज्ञा की परिभाषा और संज्ञा के भेद आज की इस पोस्ट में हम आपको (Sangya In Hindi) संज्ञा से जुड़ी हुई सारी जानकारी देंगे |

 

Noun In Hindi

 

संज्ञा का अर्थ- Noun In Hindi

संज्ञा का अर्थ है- नाम। इस संसार में विद्यमान सभी वस्तओं पर भावों आदि का कोई-न-कोई नाम है, जिससे उनको पुकारा जाता है। उस व्याकरण में संज्ञा कहा जाता है।

निम्नलिखित वाक्यों को ध्यान से पढ़िए

1. कल से विद्यालय खुल जाएगा, हमें कापी-किताबें खरीदनी हैं।

2. नई दिल्ली भारतवर्ष की राजधानी है।

3. अहंकार और क्रोध व्यक्ति की महानता को समाप्त कर देते हैं।

4. पं. जवाहरलाल नेहरू को गुलाब और बच्चे बहुत पसन्द थे।

उपर्युक्त वाक्यों में विद्यालय, नई दिल्ली, भारतवर्ष तथा राजधानी-स्थानों के नाम हैं। पं. जवाहरलाल नेहरू तथा बच्चे-प्राणियों के नाम हैं। कापी-किताबें, गुलाब-वस्तुओं के नाम हैं। अहंकार, क्रोध तथा महानता-भावों के नाम हैं।

इस प्रकार उपर्युक्त सभी शब्द (जो काले अक्षरों में लिखे हैं) किसी-न-किसी के । नाम हैं। अतः ये सभी शब्द (Sangya In Hindi)  संज्ञा हैं।

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संज्ञा के विकारी तत्व- Noun In Hindi

Sangya In Hindi जिनके कारण संज्ञा पदों में विकार (परिवर्तन) हो जाता है, उन्हें संज्ञा के विकारी तत्व कहते हैं। संज्ञा के विकारी तत्व हैं – लिंग, वचन व कारक । अर्थात् लिंग, वचन व कारक के कारण शब्दों में रूपान्तरण होता है। जैसे :-लड़का, लड़की, लड़के, लड़कियाँ,लड़कों, लड़कियों । इसमें लिंग, वचन व कारक के कारण लड़का शब्द में विभिन्न विकार (परिवर्तन) हुए हैं। इसी प्रकार सभी विकारी शब्दों में लिंग, वचन, कारक के कारण ही परिवर्तन होता है।

संज्ञा की परिभाषा – Noun In Hindi

संज्ञा की परिभाषा- किसी प्राणी, वस्तु, स्थान अथवा भाव के नाम का बोध कराने वाले शब्द संज्ञा कहलाते हैं।

विशेष- कुछ संज्ञा-शब्द प्राणीवाचक (Animate) होते हैं, जैसे-घोड़ा, गाय, बच्चा, मोहन आदि तथा कुछ अप्राणीवाचक (Inanimate) जैसे-पहाड़, नगर, झील, सड़क आदि।

इसी प्रकार कुछ संज्ञाएँ गणनीय (Countable) होती हैं, जिन्हें गिना जा सकता | है, जैसे-बच्चे, पुस्तक, ताला आदि। तथा कुछ संज्ञाएँ अगणनीय (Non-countable) होती हैं, जिन्हें गिना नहीं जा सकता। जैसे-महानता, हरियाली, हवा, पानी, खटास आदि।

संज्ञा के भेद (Kinds of Noun)- Sangya In Hindi

संज्ञा के प्रायः तीन भेद होते हैं

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)

 जिस संज्ञा शब्द से किसी विशेष व्यक्ति, स्थान अथवा वस्तु का बोध होता है, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा करने का जैसे-नीरज, श्रुति, पूजा, श्रीकृष्ण, ताजमहल, हिमालय, रामायण, गोदान, दयानन्द राधा सीता आदि।

जातिवाचक संज्ञा (Common Noun)

 जिस संज्ञा शब्द से एक ही प्रकार के सभी प्राणियों, वस्तुओं आदि का बोध होता है अर्थात् किसी सम्पूर्ण जाति का बोध होता है, उसे जातिवाचक (Sangya In Hindi) संज्ञा कहते हैं। जैसे-व्यक्ति, नगर, पर्वत, बच्चा, लड़का, चिडिया, फल, कुत्ता, नदी, आदि। यहाँ ‘व्यक्ति’ शब्द से अभिप्राय संसार के सभी व्यक्तियों से है अर्थात् व्यक्ति की पूरी जाति से है। अतः ‘व्यक्ति’ शब्द जातिवाचक संज्ञा है। इसी प्रकार पर्वत, लड़का आदि अन्य शब्द हैं।

नोट- जातिवाचक संज्ञा के दो उपभेद हैं, जिन्हें कुछ विद्वान संज्ञा के पृथक् भेद मानते हैं। ये दो उपभेद हैं

(i) द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun)

(ii) समुदायवाचक संज्ञा (Collective Noun)

(i) द्रव्यवाचक संज्ञा- जिस संज्ञा शब्द से किसी द्रव्य, धातु, अथवा पदार्थ का बोध होता है, उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। द्रव्यवाचक संज्ञा की विशेषता यह है कि इन संज्ञाओं को गिना नहीं जा सकता, केवल नापा-तौला ही जा सकता है। जैसे

द्रव्य- घी, दूध, जल, तेल आदि।

धातु- सोना, ताँबा, लोहा, चाँदी, पीतल आदि।

पदार्थ- कोयला, गेहूँ, मक्का, लकड़ी, चावल आदि।

(ii) समुदायवाचक संज्ञा- जिस संज्ञा शब्द से किसी समुदाय अर्थात् समूह का बोध हो, उसे समुदायवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे-परिवार, सेना, कक्षा, दल, भीड़, सभा आदि।

विशेष- कभी-कभी व्यक्ति वाचक संज्ञा का प्रयोग जातिवाचक संज्ञा की भाँति और जातिवाचक संज्ञा का विशेष प्रयोग व्यक्तिवाचक संज्ञा के समान किया जा सकता है। जैसे

(क) गांधी जी अहिंसावादी विचारों के व्यक्ति थे।

Noun In Hindi: उपर्युक्त उदाहरण में गांधी जातिवाचक संज्ञा है, क्योंकि यह एक विशेष जाति है। किन्तु यहाँ पर गांधी जी एक जाति विशेष न होकर व्यक्ति विशेष है अर्थात् इसका सम्बन्ध महात्मा गांधी जी से है। अतः यहाँ ‘गांधी’ पूरी जाति का बोध न कराकर एक विशेष व्यक्ति का बोध कराता है। इस प्रकार यह व्यक्तिवाचक संज्ञा है।

(ख) हमारे देश में जयचन्दों की कमी नहीं है। 

उपयुक्त उदाहरण में जयचंद का अर्थ विशेष व्यक्ति कन्नौज नरेश जयचंद नहीं है जो एक व्यक्तिवाचक संज्ञा है यहां जयचंद का अभिप्राय देशद्रोही से है | जातिवाचक संज्ञा के समान प्रयोग होने के कारण व्यक्तिवाचक (जयचन्द) बहुवचन रूप प्रगट होता है।

भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)

जिस संज्ञा शब्द से पदार्थों की अवस्था, गुण-दोष, धर्म और व्यापार आदि का बोध होता है, उसे भाववाचक हैं। जैसे-बढापा, ऊँचाई, मानवता, शौर्य, मिठास, लड़कपन, हंसी, चातर्य आणि संज्ञाओं को देखा या छुआ नहीं जा सकता, इन्हें केवल इन्द्रिय द्वारा अनभव किया सकता है। इनकी गिनती भी नहीं की जा सकती।

भाववाचक संज्ञाओं की रचनाभाववाचक संज्ञाएँ दो प्रकार की होती हैं

  1. जो मूल रूप से भाववाचक होती हैं। जैसे-सुख, दुःख, सत्य, अपमान, जा मृत्यु आदि।
  2. जो अन्य शब्दों से बनाई जाती हैं। जैसे-बच्चा से बचपन, चलना से चाल सुन्दर से सौन्दर्य, कायर से कायरता, हरा से हरियाली, मानव से मानवता आदि। 

निम्नलिखित पाँच प्रकार से बनती हैं-

(क) जातिवाचक संज्ञाओं से। जैसे-हिन्दू से हिन्दुत्व, शिशु से शैशव आदि

(ख) सर्वनामों से। जैसे-स्व से स्वत्व, मम से ममत्व आदि।

(ग) विशेषणों से। जैसे-अमर से अमरता, लम्बा से लम्बाई आदि।

(घ) क्रियाओं से। जैसे-करना से कार्य, सीना से सिलाई आदि।

(ङ) अव्ययों से। जैसे-समीप से सामीप्य, मना से मनाही आदि।

महत्त्वपूर्ण भाववाचक संज्ञाओं की रचना

(क) जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा

जातिवाचक संज्ञा भाववाचक संज्ञा जातिवाचक संज्ञा भाववाचक संज्ञा
स्वामी स्वामित्व कवि कवित्व
बूढ़ा बुढ़ापा भाई भाईचारा
युवक यौवन दानव दानवता
दास दासता पंडित पांडित्य, पंडिताई
क्षत्रिय क्षत्रियत्व पुरुष पुरुषत्व, पौरुष
लड़का लड़कपन शिशु शैशव
मित्र मित्रता, मैत्री ब्राह्मण ब्राह्मणत्व
पशु पशुता, पशुत्व नारी नारीत्व
देव देवत्व प्रभु प्रभुत्व, प्रभुता

(ख) सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा

सर्वनाम भाववाचक संज्ञा सर्वनाम भाववाचक संज्ञा
स्व स्वत्व मम ममता, ममत्व
निज निजता, निजत्व अपना अपनत्व, अपनापन
सर्व सर्वस्व पराया परायापन
अहं अहंकार मै ममत्व

(ग) विशेषण से भाववाचक संज्ञा

विशेषण भाववाचक संज्ञा विशेषण भाववाचक संज्ञा
बुरा बुराई अच्छा अच्छाई
मीठा मिठास समृद्ध समृद्धि
सबल सबलता ऊँचा ऊँचाई

आज आपने Noun In Hindi के बारे में सीखा

आपने जाना Noun In Hindi के बारे में Sangya In Hindi संज्ञा कितने प्रकार की होती है | संज्ञा की परिभाषा क्या होती है संज्ञा के भेद और संज्ञा के उदाहरण हमने आपको अच्छी तरीके से समझाने की कोशिश की है यदि आपका कोई क्वेश्चन है तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें हम उसका उत्तर आवश्यक देंगे |

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